WHY WORK FOR MARGINALISED - By Prof. Jean Dreze

अभी तीन महीनें पहले की ही बात है l जब सबका घर के इनोग्रेशन के मौके पर एक जर्नलिस्ट भाई ने मुझसे पुछा था यहां आएगा कौन? उनका इशारा इतने अलग थलग और गलियों वैगराह की तरफ था l हम सब जानते है की आंदोलनों में तीन चार महीने की कोई  हैसियत नहीं होती साले लगती है जब कही जाकर कोई शक्ल बनती है l लेकिन कई प्रोग्राम्स से अहसास होने लगा है l के सबका घर बेहद छोटा पड़ रहा है l इतवार को तो सबका घर के सारे इंतज़ाम चरमरा गए मौका था ‎‎Khudai Khidmatgar JMI Unit‎ के प्रोग्राम  \"WHY WORK FOR MARGINALISED\"-Interactive Session#By Prof. Jean Dreze# ये सब कुछ नतीजा है खुदाई खिदमतगार के खामोश सिपाहियों की बेलौस मेहनत का और सबका घर की टीम के इखलास और मुहब्बत का l


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